Advay Dikshit

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Saturday, March 1, 2014

तेरी मुस्कान है अजोड
जग में नहीं, इसका तोड़
दूध, मिठाई, ,नए नए पकवान

फल, मीठे और रसीले,
अब मै किसे खिलाऊं ,
चाव भरी, अपने हाथों से मैं
अब मीठी नींद किसे सुलाऊं
अब कौन बाल पकडे ...कौन अब मुहं मुँह नोचे
किसे बुलाऊं प्यारा रमैया ....सोन चिरैया .Really I miss U