Advay Dikshit

Advay Dikshit

Monday, January 6, 2014

30 november 2013 ..बहुत दिनों पर देखा तुमको मेरे प्यारे बेटे ,

दौड़ दौड़ कर तुम चलते हो ,अब ना रहते लेटे |

पैंया पैंया दौड़ लगाते ,कितना अच्छा लगता,

छोटा सा मेरा अद्वय बेटा, भागा भागा चलता |

सात समुन्दर पार है बेटा ,जन्म दिवस जब आया,

देख के तुमको कम्प्यूटर पर अपना मन बहलाया |

मन कहता जल्दी से मिलकर तुमको खूब खिलाऊँ,

सारी दुनिया की खुशियों को तुम पर आज लुटाऊँ |

No comments:

Post a Comment