Advay Dikshit

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Thursday, January 2, 2014

निंदिया तोरे, करूँ निहोरे
अब आ भी जा,अब आ भी जा
झम्मक झइयाँ झम्मक झइयाँ ।
मुन्ना रोए, पलके भारी
सोना चाहे तू आ जा री
आते-आते रूक मत जाना
ठइयाँ ठइय़ाँ ठइयाँ ठइय़ाँ ।
बनकर शीतल झोंका तू आ
खुशबू सारे उपवन की ला,
धीरे-धीरे आहिस्ता से
पइयाँ पइय़ाँ पइय़ाँ पइय़ाँ ।
जागेगा तब कुछ ठुनकेगा
गोदी को मेरी मचलेगा,
आकर गोदी में नाचेगा ।
छम्मक छइयाँ छम्मक छइयाँ ।

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