Advay Dikshit

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Thursday, January 2, 2014

दादा दादी की दुआएं

प्रिय पोते अद्वय ,

तुम फूलों की तरह कोमल हो,

पर तुम्हारा सीना फौलाद की तरह मज़बूत हो,

तुम फूलों की तरह सुन्दर हो,

पर तुम्हारा दिल उससे भी अधिक खूबसूरत हो,

तुम फूलों की तरह महकीले हो,

पर तुम्हारे काम से सम्पूर्ण जगत ही महकीला हो

तुम फूलों की तरह बगिया की शान हो,

पर तुम्हारी शान आसमान से भी अधिक बुलन्द हो,

मुझे पूरा विश्वास है कि,

समझदारी से तुम कांटों की परवाह न करते हुए,

जिस पथ पर चलोगे,

वह रास्ता फूलों की सेज बन जाएगा.

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