Advay Dikshit

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Thursday, January 2, 2014

मोटे लाला पिलपिले
धम्म कुंयें मे गिर पडे
लुटिया हाथ से छूट गई..
रस्सी खट से टूट गई।...
मजा आया .ये कविता सुन के जी....रमैया जी

2 comments:

  1. लालाजी जब गिर गए
    अद्वय ने तब ताली बजाई .

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