Advay Dikshit

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Thursday, January 2, 2014

सुबह सवेरे जल्दी उठता
दादा कहते ''आँख का तारा ''

दादी के संग पूजा करता
वे कहती हैं ''राज दुलारा ''

बुआ मुझको ''गप्पा ''कहती
उनको तो मैं लगता प्यारा

रोज नए नामों से मुझको
घर में सभी बुलाते हैं ,

सबके प्यारे बनकर बच्चे
ऐसे मौज मनाते हैं .

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