नाना जी के घर में आये तीन तीन बदमाश |
देख देख शैतानी उनकी, अटकी नानीजी की साँस ||
एक रोये ,एक भागे और एक तोड़े उनका फोन |
टूटा फोन देख कर नानाजी हो गए हैं मौन ||
नाना जी हैं दौड़े भागे ,अपने मंदिर को वो बचाते |
पर बच्चे ना पीछा छोड़े,उनको सारे नाच नचाते ||
No comments:
Post a Comment