दादी ने है खीर बनाई ,मीठी मीठी खुशबूदार
देख के मुँह में पानी आया ये तो बनी मलाईदार |
मुझको देती खिचडी सादी ,खुद के लिए बनाई खीर,
ये तो है अन्याय तुम्हारा ,देती मुझको नहीं पनीर |
आज शिकायत करने जाता हूँ मैं बाबा के दरबार ,
बिना खीर खाए मैं तुमसे नहीं करूँगा बिल्कुल प्यार |
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