Dada Dadi aur Advay
Advay Dikshit
Thursday, January 2, 2014
ॐ रक्ष - रक्ष गणाध्यक्ष रक्ष त्रैलोक्य रक्षक ।
भक्तानां अभयंकर्त्ता त्राता भव भवार्णवात् ॥
द्वै मातुर कृपासिन्धो षण्मातुराग्रज प्रभो ।
वरद् त्वं वरं देहि वांञ्छितं वाञ्छतार्थद ॥
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